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Showing posts from August, 2024

रिमझिम बरसे पानी

रिमझिम-रिमझिम बरसे पानी। चम-चम चमके बजली रानी।। कड़-कड़ कड़के बादल भैया। नाचय मछरी ता-ता थैया।। छाय घटा हे काली-काली। भरही नदिया नरवा नाली।। होके मगन मयूरी नाचय। खुश होके प्रानी मन हाँसय।। टर्र-टर्र मेढ़क नरियावय। पानी ला ओ पास बलावय।। खेलत हावय घोंघी घांदी। झुमके करते स्वागत कांदी।। छाही जग मा अब हरियाली। देख केकड़ा पीटत ताली।। -हेमलाल साहू ग्राम-गिधवा, जिला-बेमेतरा