रिमझिम-रिमझिम बरसे पानी।
चम-चम चमके बजली रानी।।
कड़-कड़ कड़के बादल भैया।
नाचय मछरी ता-ता थैया।।
छाय घटा हे काली-काली।
भरही नदिया नरवा नाली।।
होके मगन मयूरी नाचय।
खुश होके प्रानी मन हाँसय।।
टर्र-टर्र मेढ़क नरियावय।
पानी ला ओ पास बलावय।।
खेलत हावय घोंघी घांदी।
झुमके करते स्वागत कांदी।।
छाही जग मा अब हरियाली।
देख केकड़ा पीटत ताली।।
-हेमलाल साहू
ग्राम-गिधवा, जिला-बेमेतरा
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