स्कूल पढ़े बर जाहूँ (हेम के सार छंद)
स्कूल पढ़े बर जाहूँ मोला,
पकड़ा दे तँय बस्ता।
कहिथे नोनी हर बाबू ला,
बता स्कूल के रस्ता।।
भर्ती मोला आज करा दे,
स्कूल रोज मँय जाहूँ।
सुनले विनती मोरो बाबू,
सुघ्गर विद्या पाहूँ।।
पढ़ई-लिखई मा मँय हर,
सबले अव्वल रइहूँ।।
खेल-कूद मा मन चंगा रख,
सबले आगू बढ़हूँ।।
जोड़-घटाना गुना-भाग कर,
गिनती ला मँय गिनहूँ।
आखर-आखर ला पढ़-पढ़ के,
सीख-सीख मँय लिखहूँ।।
अपन स्कूल मा होशियार बन,
कसके धाक जमाहूँ।
डॉक्टर, मास्टर बन वकील महुँ,
जग मा नाम कमाहूँ।।
- हेमलाल साहू
छंद साधक, सत्र-१
ग्राम-गिधवा, जिला-बेमेतरा
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