Sunday, 31 May 2026

‎हेम के कुण्डलियाँ (सच)‎

सच बोली मा रूठथे, झूठन जग पतियाय।

‎पर हेमलाल सच कहे, चाहे जिवरा जाय।।

‎चाहे जिवरा जाय, साँच बोली सुखदाई।

‎झूठ लबारी तोर, कभू टीकय ना भाई।।

‎गुनके चुनके बोल, लगालव सच के चोली।

‎अपने स्वारथ छोड़, सदा सच बोलव बोली।।

‎- हेमलाल साहू

गाँव- गिधवा, जिला बेमेतरा


Wednesday, 27 May 2026

‎*सीखव गिनती*‎

सीखव गिनती

‎आवव संगी सीखव गिनती।

‎मुनिया बबलू करथे बिनती।।

‎एक मया के ममता दाई।

‎दूध पान मा हवय भलाई।।

‎दू आँखी ले देखे मुनिया।

‎रंग बिरंगी हावय दुनिया।।

‎तीन रंग मा सजे तिरंगा।

‎देश प्रेम अउ हे मन चंगा।।

‎चार मास के बरसा पानी।

‎गाँव-गाँव मा करे किसानी।।

‎पाँच उंगरी एक हथेली।

‎मया-दया ला बाँट सहेली।।

‎छह ऋतु आवय बारी-बारी।

‎अपन रंग ले धरती सारी।।

‎सात सुरों मा गीत बनालव।

‎पेटी तबला संग बजालव।।

‎आठ पाँव के मकड़ी रानी,

‎जाल बुनय सारी जिनगानी।।

‎नौ दुवार के हावय काया।

‎बसथे उहाँ मोह अउ माया।।

‎दस उँगरी दू हाथ लगालव।

‎एक संग ले काम करालव।।

‎गिनती सीखव ज्ञान बढ़ावव।

‎पढ़-लिख के जिनगी चमकावव।।

‎-हेमलाल साहू

‎गाँव-गिधवा, जिला-बेमेतरा

‎विष्णु पद छंद‎‎ नोनी‎‎ बाल कविता‎

‎विष्णु पद छंद ‎ ‎नोनी ‎ ‎बाल कविता ‎ ‎हमरो घर के नोनी हावय, अड़बड़ गा चतुरी। ‎बात सबो के मानै चुपकन,  काम करय बपुरी।। ‎ ‎नाप तौल मा अव्वल ह...

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