Saturday, 13 June 2026

जुगनू राजा

जुगनू राजा

हमर गाँव के जुगनू राजा।
कहाँ लुकागे दउड़त आजा।

छोटे नाक-कान हे आँखी।
सुग्घर हावय दू ठन पाँखी।।

पहली रोज घूम के जावच।
मया अँजोरी के बगरावच।।

अब डर्रा मन साँपे नाचय।
मोबाइल मा उजास बाँचय।।

नइ समझेन तोर पीरा ला।
जहर डार मारे कीरा ला।।

काटे जंगल झाड़ी भारी।
उजड़त हे तोर घर दुवारी।।

छाये घर तोर निराशा हे।
आही अंजोर अब आशा हे।।

फेर चमक हू हरियर पीला।
अपन दिखाहू गज्जब लीला।।

रचनाकार- हेमलाल साहू
गांव - गिधवा, जिला - बेमेतरा

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