Friday, 11 September 2026

‎🐒 बेंदरा (बाल कविता)‎

‎🐒 बेंदरा (बाल कविता)
‎लकर-धकर ले कूद बेंदरा, 
‎डार-डार चढ़ जाथे।
‎टोर-टोर आमा अउ केरा,
‎झप-झप सबला खाथे।।
‎पान ले बना टोपी पहिरे,
‎घूम-घूम इतराथे।
‎कुकुर के पूँछ पकड़ के फेर,
‎खूब ओला चिढ़ाथे।।
‎लइका मन के मुँह के लड्डू,
‎झपट के भाग जाथे।
‎उप्पर चढ़के मुँह बिचकाके,
‎दाँत ला खीसियाथे।।
‎ठुमक-ठुमक के नाचत जाथे,
‎पूँछी गोल घुमाथे।
‎नान्हे लइका देख-देख के,
‎धरती मा लोटाथे।।
‎रचनाकार - हेमलाल साहू, गिधवा (बेमेतरा)

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