Friday, 11 September 2026

‎नान्हे हाथ (बाल कविता)

‎नान्हे हाथ (बाल कविता)
‎नान्हे-नान्हे हाथ हमर हे,
‎बड़का करय कमाल।
‎आव, हाथ ले हाथ मिलाबो,
‎गाँव होय खुशहाल।।
‎रुख-राई ला हाथ ले रोपबो,
‎देबो पानी रोज।
‎हरियाली ला देख-देख के,
‎खाबो फर के भोज।।
‎कचरा ला हाथ ले बीनबो,
‎राखबो साफ-सफई।
‎अँगना-गली सबो चमकाबो,
‎सबके होही भलई।।
‎पढ़-लिख के आगू बढ़बो,
‎रखबो नीक बिचार।
‎मया-दया के नाता रखबो,
‎लाबो नव उजियार।।
‎रचनाकार— हेमलाल साहू
‎गाँव-गिधवा, जिला-बेमेतरा

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