Sunday, 16 August 2026

‎विष्णु पद छंद‎‎ नोनी‎‎ बाल कविता‎

‎विष्णु पद छंद
‎
‎नोनी
‎
‎बाल कविता
‎
‎हमरो घर के नोनी हावय,
अड़बड़ गा चतुरी।
‎बात सबो के मानै चुपकन, 
काम करय बपुरी।।
‎
‎नाप तौल मा अव्वल हावय, 
करथे कम खरचा।
‎जाके दुकान हिसाब जोड़य, 
लेवय बिल परचा।।
‎
‎छान कुनकुना पानी पीयव, 
नोनी रोज कहै।
‎खावव भाजी पाला संगी, 
सदा निरोग रहैे।।
‎
‎माँज धोके रखय नोनी हा, 
घर के सब टठिया।
‎सुख्खा कचरा गिल्ला कचरा, 
रखथे सब छटिया।।
‎
‎गली-खोर ला साफ रखे ले, 
रोग भगे दुरिया।
‎तेकर सेती लीपव-पोतव, 
अँगना घर-कुरिया।।
‎
‎पढ़ई लिखई नोनी करथे, 
बिहना ले उठके।
‎करय रोज के योगासन ला, 
मन चंगा करके।।
‎
‎बात-बात ले सीखय नोनी, 
छोट-बड़े सब ले।
‎गुरतुर बानी छत्तीसगढ़ी, 
बोलय बड़ मन ले।।
‎
‎कहिथे नोनी दाई भाखा, 
बोलव मान बढ़ी।
‎पढ़ई-लिखई करलव भाषा, 
ले छत्तीसगढ़ी।।
‎
‎रचनाकार -हेमलाल साहू 
‎गाँव - गिधवा, जिला - बेमेतरा 
‎

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