Sunday, 26 July 2026

‎मुसवा-बिलई के लड़ई

‎मुसवा-बिलई के लड़ई
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‎मुसवा-बिलई ठनगे लड़ई।
‎बिलई ऊपर मुसवा झपई।।
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‎मुसवा कहिथे, "मौसी बिलई!
‎जो जीतय, ओ खावय मलई।।"
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‎बिलई कहिथे, "आ रे दाऊ!
‎हार जबे ता तोला खाऊ।।"
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‎मिलके खेलय गिल्ली-डंडा।
‎मुसवा रचिस नवा हथकंडा।।
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‎बिलई डंडा घुमइस भारी।
‎गिल्ली उड़के घुसगे बारी।।
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‎गिल्ली खोजत मुसवा भागिस।
‎ओकर पाछू बिलई आगिस।।
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‎मौका पा जा खुसरे बिल मा।
‎बिलई देखत रहिगे तिर मा।।
‎
‎गिल्ली-डंडा के जुग टुटगे।
‎मुसवा हर बिलई ले छुटगे।।
‎
‎रचनाकार: हेमलाल साहू
‎ग्राम: गिधवा, जिला: बेमेतरा
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