Sunday, 16 August 2026

‎मंगला चरण‎

‎मंगला चरण
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‎वीणा धारी माँ सरस्वती,
‎लेके आयव आस।
‎नान्हे-नान्हे लइका हावन,
‎भर दे नवा उजास।।
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‎सूरज चंदा फूल चिरैयाँ,
‎बाँटत मया-दुलार।
‎नान्हे मन ला विद्या देवव,
‎सपना दे आकार।।
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‎ज्ञान के बार दीया दाई,
‎दूर होय अँधियार।
‎दया-मया अउ भलई ले,
‎महका दे दुआर।।
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‎रचनाकार -हेमलाल साहू 
‎गाँव - गिधवा, जिला - बेमेतरा 
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