Saturday, 20 June 2026
हेम के दोहे (बाल जनऊला 2)
हेम के दोहे (बाल जनऊला-1)
Wednesday, 17 June 2026
खेलँय संगी (चौपाई छंद)
Saturday, 13 June 2026
जुगनू राजा
Friday, 5 June 2026
साइकिल
पहली रहिस साइकिल, घर के शान।
रहय अपन घर के ओ, बन पहिचान।।
दीदी नोनी बाबू, सबो सियान।
दाई बबा चलावय, सबो जवान।।
कम खर्चा पानी मा, चलय गुजार।।
दौड़य गली खोर अउ, सब संसार।।
ट्रिन ट्रिन बजाय घंटी, देय धियान।
लान साइकिल लेवय, काम किसान।।
पगडंडी मा भागय, बड़ रफ्तार।
गाँव शहर ला घूमे, पैडिल मार।।
एक एक पैडिल के, खूब धमाल।
तोर बना सेहत ला, करय कमाल।।
डीजल तेल के नहीं, बनय गुलाम।
मिहनत बदला सेहत, मिलय इनाम।।
बिना प्रदूषण दौड़ा, इहि जग सार।
चला साइकिल करलव, मया दुलार।।
रचनाकार - हेमलाल साहू
Sunday, 31 May 2026
हेम के कुण्डलियाँ (सच)
सच बोली मा रूठथे, झूठन जग पतियाय।
पर हेमलाल सच कहे, चाहे जिवरा जाय।।
चाहे जिवरा जाय, साँच बोली सुखदाई।
झूठ लबारी तोर, कभू टीकय ना भाई।।
गुनके चुनके बोल, लगालव सच के चोली।
अपने स्वारथ छोड़, सदा सच बोलव बोली।।
- हेमलाल साहू
Wednesday, 27 May 2026
*सीखव गिनती*
सीखव गिनती
आवव संगी सीखव गिनती।
मुनिया बबलू करथे बिनती।।
एक मया के ममता दाई।
दूध पान मा हवय भलाई।।
दू आँखी ले देखे मुनिया।
रंग बिरंगी हावय दुनिया।।
तीन रंग मा सजे तिरंगा।
देश प्रेम अउ हे मन चंगा।।
चार मास के बरसा पानी।
गाँव-गाँव मा करे किसानी।।
पाँच उंगरी एक हथेली।
मया-दया ला बाँट सहेली।।
छह ऋतु आवय बारी-बारी।
अपन रंग ले धरती सारी।।
सात सुरों मा गीत बनालव।
पेटी तबला संग बजालव।।
आठ पाँव के मकड़ी रानी,
जाल बुनय सारी जिनगानी।।
नौ दुवार के हावय काया।
बसथे उहाँ मोह अउ माया।।
दस उँगरी दू हाथ लगालव।
एक संग ले काम करालव।।
गिनती सीखव ज्ञान बढ़ावव।
पढ़-लिख के जिनगी चमकावव।।
-हेमलाल साहू
गाँव-गिधवा, जिला-बेमेतरा
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