*पेड़ बचाबो ( चौपाई छंद)*
ध्यान लगा के सुनले पिंकी।
सुघ्घर बात कहत हे चिंकी।।
मिलके आगू हाथ बढाबो।
दुन्नो बहनी पेड़ बचाबो।।
गाँव शहर ला हमन जगाबो।
घर घर हरियारी ला लाबो।।
निरमल पुरवइया बगराबो।
मिलके सुघ्घर पेड़ लगाबो।।
-हेमलाल साहू
छंद साधक सत्र-१
ग्राम गिधवा,जिला बेमेतरा
No comments:
Post a Comment