गुड़िया रानी (चौपाई छंद)
गुड़िया रानी बड़े सियानी।
दूध भात खा पीयय पानी।।
सबके हावय लाड दुलारी।
सबले सुघ्घर राजकुमारी।।
दौड़-दौड़ के खेलय रानी।
करथे फेर अपन मनमानी।।
थप-थप पीटय सुघ्गर थपड़ी।
डफ डफ धरै बजावय दफड़ी।।
छम-छम सुग्घर पायल बाजय।
ढम्मक ढम्मक गुड़िया नाचय।।
ला-ला ला-ला कहिके गावय।
अम्मा अम्मा कहि चिल्लावय।।
-हेमलाल साहू
छंद साधक, सत्र -1
ग्राम - गिधवा, जिला बेमेतरा
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