आवाज (चौपाई छंद)
झर-झर, झर-झर बहिथे झरना।
खन-खन खनके चूड़ी कँगना।।
सरर-सरर चलथे पुरवइया।
अम्मा-अम्मा बोलय गइया।।
मैं-मैं करथे छेरी पठरू।
बाजे डम-डम शिव के डमरू।।
फड़-फड़ फड़थे कागज पुड़िया।
हाँस-हाँस के खेलय गुड़िया।।
मोटर के हारन पौं-पौं हे।
आवाज कुकर के भौं-भौं हे।।
म्याऊ-म्याऊ बोलय बिलई।
चूँ-चूँ करके चहकय चिरई।।
-हेमलाल साहू
छंद साधक, सत्र-१
ग्राम गिधवा, जिला बेमेतरा
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