Skip to main content

*बात-बात ले सीख* (हेम के जयकारी छंद)

*बात-बात ले सीख* (हेम के जयकारी छंद)

ले लौ बात-बात ले सीख।
कोनो ला बोलव झन खीख।।
देश प्रेम के गाँवव गीत।
सब ला राख बना के मीत।।

दया -मया के नाता जोड़।
सदा लड़ाई झगड़ा छोड़।।
सुम्मत के मिल बाँधव पार।
सम-रसता के बगरय नार।।

बाँटव अपन ज्ञान ला जोर।
जग मा लावँव नवा अँजोर।
धरले मन साहस अउ धीर।
सूरज बन अँधियारी चीर।।

-हेमलाल साहू
छन्द साधक, सत्र -1
ग्राम-गिधवा, जिला बेमेतरा  

Comments

सबले ज्यादा पढ़े गिस

स्कूल पढ़े बर जाहूँ (हेम के सार छंद)

स्कूल पढ़े बर जाहूँ (हेम के सार छंद) स्कूल पढ़े बर जाहूँ मोला, पकड़ा दे तँय बस्ता। कहिथे नोनी हर बाबू ला, बता स्कूल के रस्ता।। भर्ती मोला आज करा दे, स्कूल रोज मँय जाहूँ। सुनले विनती मोरो बाबू, सुघ्गर विद्या पाहूँ।। पढ़ई-लिखई मा मँय हर, सबले अव्वल रइहूँ।। खेल-कूद मा मन चंगा रख, सबले आगू बढ़हूँ।। जोड़-घटाना गुना-भाग कर, गिनती ला मँय गिनहूँ। आखर-आखर ला पढ़-पढ़ के, सीख-सीख मँय लिखहूँ।। अपन स्कूल मा होशियार बन, कसके धाक जमाहूँ। डॉक्टर, मास्टर बन वकील महुँ, जग मा नाम कमाहूँ।। - हेमलाल साहू छंद साधक, सत्र-१ ग्राम-गिधवा, जिला-बेमेतरा

गुड़िया रानी (चौपाई छंद)

   गुड़िया रानी (चौपाई छंद) गुड़िया रानी बड़े सियानी। दूध भात खा पीयय पानी।। सबके हावय लाड दुलारी। सबले सुघ्घर राजकुमारी।। दौड़-दौड़ के खेलय रानी। करथे फेर अपन मनमानी।। थप-थप पीटय सुघ्गर थपड़ी। डफ डफ धरै बजावय दफड़ी।। छम-छम सुग्घर पायल बाजय। ढम्मक ढम्मक गुड़िया नाचय।। ला-ला ला-ला कहिके गावय। अम्मा अम्मा कहि चिल्लावय।। -हेमलाल साहू  छंद साधक, सत्र -1 ग्राम - गिधवा, जिला बेमेतरा

जुगनू राजा (हेम के चौपाई छंद)

 गुड़िया रानी (चौपाई छंद) गुड़िया रानी बड़े सियानी। दूध भात खा पीयय पानी।। सबके हावय लाड दुलारी। सबले सुघ्घर राजकुमारी।। दौड़-दौड़ के खेलय रानी। करथे फेर अपन मनमानी।। थप-थप पीटय सुघ्गर थपड़ी। डफ डफ धरै बजावय दफड़ी।। छम-छम सुग्घर पायल बाजय। ढम्मक ढम्मक गुड़िया नाचय।। ला-ला ला-ला कहिके गावय। अम्मा अम्मा कहि चिल्लावय।। -हेमलाल साहू  छंद साधक, सत्र -1 ग्राम - गिधवा, जिला बेमेतरा