*परसा पेड़ (बरवै छंद)*
हावय बड़ उपयोगी, परसा पेड़।
पाबे खेत खार के, सुघ्घर मेड़।।
आथे डारा पाना, जड़ फर काम।
रोग भगाये तन ले, दै आराम।।
सबो जीव के बनथे, सुघ्घर ठाँव।
बचा घाम ले सब ला, देवय छाँव।।
बड़का बड़का लावँय, पाना टोर।
तुनथें पतरी दोना, कड़गी जोर।।
फर टोर कमाले तँय, पैसा चार।
औषधि कारण बीकै, ये बाजार।।
रुख के जर ले निकलै, कुंवर बाख।
बड़ गुणकारी हावय, एखर लाख।।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, जिला बेमेतरा
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