Thursday, 9 June 2022

मीठा केला (हेम के चौपाई छंद)

‎मीठा केला (हेम के चौपाई छंद)
‎
‎पक्का पक्का मीठा केला।
‎झगरू लावय भर भर ठेला।।
‎
‎गाँव-गाँव बेचे बर जावय।
‎केला लेव-लेव चिल्लावय।।
‎
‎सुनके चिंकी दौड़य सरपट।
‎केला ले बर आवय झटपट।।
‎
‎चिंकी पूछय भाव बतावव।
‎दस रुपिया दरजन ले जावव।।
‎
‎केला देखत मन ललचावय।
‎नाचय गावय मन हरसावय।।
‎
‎माँगय केला चिंकी झप-झप।
‎ओला छिलके खावय गप-गप।।
‎
‎रचनाकार : हेमलाल साहू
‎ग्राम : गिधवा, जिला : बेमेतरा (छत्तीसगढ़)
‎
‎

No comments:

Post a Comment

‎🐸 मेचका (बाल कविता)‎

‎🐸 मेचका (बाल कविता) ‎ ‎टप-टप बरसे सुग्घर पानी, ‎नान्हे मन ला भावय। ‎गात मया के गीत मेचका, ‎टर्र-टर्र ले टर्रावय।। ‎ ‎उत्ताधुर्रा जीभ लमावय...

सबले ज्यादा पढ़े गिस