ओस के बूँद (चौपाई छंद)
चमक दमक जस हीरा-मोती।
होत बिहनिया चारो-कोती।।
रहिथें माड़ा काँदी पाना।
बनके सुघ्घर मोती दाना।।
रेंगे उघरा हो बिन चप्पल।
ओकर सबो रोग दै गप्पल।।
सुरुज देव जस बेरा टाँगे।
देख-देख ओला जा भागे।।
जल्दी का हे नाम बताना।
तोला देंहू खई खजाना।।
-हेमलाल सह
छंद साधक सत्र-१
ग्राम गिधवा, जिला - बेमेतरा
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