Friday, 10 June 2022

जूनी मेला (हेम के चौपाई छंद)

‎जूनी मेला
‎(हेम के चौपाई छंद)
‎बाल कविता
‎गाँव तीर मा जूनी मेला।
‎हवय भराये रेलम पेला।।
‎महिमा अपार जूनी दाई।
‎दरसन करंय लोग-लुगाई।।
‎सब्बो डहर लगे हें ठेला।
‎बेचँय अंगूर, सेब, केला।।
‎बाबू कहिथे सोना-मोना। 
‎हाथ पकड़ ले झन जा खोना।।
‎हावय भारी भीड़ भड़क्का।
‎खावँय सब्बो धक्कम-धक्का।।
‎देखत मोना खई-खजेना।
‎बाबू ला कहिथे, "कुछु लेना।" 
‎रंग-बिरंगी अउ चितरंगी।
‎फुग्गा लेवँय सब्बो संगी।।
‎झूलय खूब ढेलवा सोना।
‎खेलवना पाय मगन मोना।।
‎रचनाकार : हेमलाल साहू
‎ग्राम : गिधवा, जिला : बेमेतरा (छत्तीसगढ़)

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